Letter To Women

Dear Women, I hope you are doing fine in whatever role you are performing in your life. Lately, I was considering drafting a letter to you, but as you know life is pretty engaging, with too many things and too little time! Finally, I’m writing now. 🙂 I am observing many celebrations going around on …

Letter To Women Read More »


कभी वो मेरे इर्दगिर्द चलीकभी में उसके इर्दगिर्द चला वो मेरा ख्वाब था या कोई भूली बिसरि हकीकतमेरे जहन में सदियों तक यही बात चलती रही मैंने अपना रास्ता बदलाउसने अपना राहीवो किसी कलम से बहकरकिसी किताब के पन्नो में छपती रही वो कहानी किसी शहर मेंबस यही गुमनाम गूंजती रही – Pooja R. | …

कहानी Read More »

An Old Diary

An old diary  which was cornered since long after years it drew the attention of eyes which were busy searching the lost soul As fingers scrolled over the cover page  layers of dust accumulated on it  began making queer sketches over it  the thickness of dust revealed it is an old charm, so are the …

An Old Diary Read More »


कौन केहता है मोह गलत हैमोह किस बात का है उसपे निर्भर करता हैयदि मोह सुख का लगे तो दुःख बन जाता हैऔर मोह मुक्ति का लगे तो मोह खुद मुक्त हो जाता है – Pooja R. | © Tatva Musings

प्रिय कृष्ण

प्रिय कृष्ण, आप ही साधन आप ही साधना आप ही साध्य है आप ही भक्ति आप ही प्रेम आप ही प्राण आप ही योग है आप ही श्रृंगार आप ही हर रंग आप ही हर राग है आप ही वैराग्य आप ही मोक्षदाता आप ही मोक्ष है – Pooja R. | © 2022 Tatva Musings